*स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिवीर शहीद सरदार अली खान की मजार पर चादर पेश करके 1857 की क्रांति वीरों को याद किया गया एवं उन्हें नमन किया गया*

गोरखपुर lआज ही के दिन 10 में 1857 को आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी जिसमें गोरखपुर शहर के रहने वाले रिसालदार जागीरदार एवं प्रशासनिक व्यवस्था को देखने वाले सरदार अली खान के नेतृत्व में बेगम हजरत महल के निर्देश पर गोरखपुर को 6 महीना के लिए अंग्रेजों से आजाद कर दिया जनवरी 1858 में पुणे गोरखपुर की ऊपर अंग्रेजों का कब्जा हुआ तब उन्होंने शहीद सरदार अली खान को पूरे परिवार के लोगों के साथ उनकी हवेली जो कि वर्तमान में कोतवाली है वहीं पर फांसी देकर उन्हें दफन कर दिया जहां पर आज भी उनकी कब्र मौजूद है और जो आजादी की लड़ाई के उस इतिहास को निरंतर सबके सामने चरितार्थ करती हुई दिखाई देती है ।
आज 10 में के अवसर पर गोरखपुर शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन के लोगों समाजसेवियों और साहित्यकारों ने उनकी मजार पर चादर चढ़ा के श्रद्धा सुमन अर्पित किया और 1857 के सभी क्रांति वीरों को याद किया ।
कार्यक्रम सौहार्द शिरोमणि डॉक्टर सौरभ पांडेय के सानिध्य में शुरू हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अशफाक हुसैन मेकरानी ने की ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवल किशोर नथानी व विशिष्ट के रूप  हसन जमाल (बाबुआ भाई) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि शहीद सरदार अली खान जंग आजादी में पहले ऐसे व्यक्ति थे जिनका पूरा खानदान और स्वयं गौरव गोरखपुर में रहते हुए उन्होंने गोरखपुर के लिए  बलिदान दिया ।

इस अवसर पर राजा भाव सेठ, गौतम गोरखपुरी,कमर कुरैशी राजू, राज शेख, प्रकाश,नौशाद,अरशद अली,रेहान,मोहम्मद अजहरूद्दीन, शब्बीर अहमद,नसीरुद्दीन,शकील अहमद,शमशाद अहमद आदि उपस्थित रहे ।

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading