*गोरखपुर विश्वविद्यालय में 1192 पेड़ों की कटाई पर उठे सवाल छात्रावास भोजन व्यवस्था पर भी NSUI का हमला*
*गोरखपुर/* NSUI के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय परिसर में 1192 पेड़ों की कटाई और छात्रावास की भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य शुक्ला ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस नियम और प्रक्रिया के तहत इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई तथा वन विभाग ने किन परिस्थितियों में इसकी स्वीकृति प्रदान की।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी प्रक्रिया के तहत 1192 पेड़ों के कटान की अनुमति दी गई है। शुक्ला ने इसे विश्वविद्यालय परिसर को “वृक्ष विहीन” करने की साजिश बताते हुए अब तक काटे गए पेड़ों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और शेष पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन में कीड़े-मकोड़े निकल रहे हैं, जिससे कई छात्राओं की तबीयत खराब हुई है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
एनएसयूआई ने मांग की है कि पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे प्रकरण की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा छात्रावास मेस की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन ने कुलपति से दोनों मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की है।
आदित्य शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई छात्रहित में आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में 1192 पेड़ों की कटाई पर उठे सवाल छात्रावास भोजन व्यवस्था पर भी NSUI का हमला
