इस्लामी नए साल 1448 हिजरी पर मुतवल्लियान कमेटी ने मियां साहब को दी मुबारकबाद; शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के मुहर्रम जुलूसों में आपसी सौहार्द और पूर्ण सहयोग की अपील,
अनेकता में एकता की मिसाल बनेगा मुहर्रम, सभी धर्मों और परंपराओं का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाने का आह्वान**
गोरखपुर।मुहर्रम की पहली तारीख और इस्लामी नए साल 1448 हिजरी के मुकद्दस मौके पर इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने शहर की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। कमेटी के अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद,प्रमुख समाजसेवी अशफ़ाक हुसैन मेकरानी जिला उपाध्यक्ष सैय्यद वसीम इकबाल,के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने इमामबाड़ा स्टेट पहुंचकर सज्जादानशीन आली जनाब अदनान फर्रुख अली शाह (मियां साहब) और सैय्यद अयान अली शाह (छोटे मियां साहब) को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर नए साल की मुबारकबाद दी।इसके साथ ही कमेटी ने’ग़म-ए-हुसैन’ में इमामबाड़ा स्टेट व शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के सभी पारंपरिक जुलूसों और ताजियों के शांतिपूर्ण संचालन में पूरे सहयोग व समर्थन का वादा किया।इस मौके पर मुतवल्लियां कमेटी के पदाधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि गोरखपुर हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। आगामी 4 मुहर्रम से शिया हजरात के पारंपरिक जुलूसों का सिलसिला शुरू होगा, वहीं सुन्नी समुदाय द्वारा भी अकीदत के साथ ताजियादारी और जुलूस निकाले जाएंगे। 4 मुहर्रम से लेकर 10 मुहर्रम (आशूरा) तक चलने वाले इन सभी जुलूसों, मजलिसों और मेलों में बच्चे, बूढ़े, नौजवान और सभी धर्म-पंथ के लोग बड़ी तादाद में शामिल होते हैं, जो हमारी विविधता में एकता की अनूठी मिसाल है।कमेटी ने सभी नागरिकों, संस्थाओं और अकीदतमंदों से पुरजोर अपील की है कि वे हर परंपरा और धर्म का सम्मान करते हुए, आपसी भाईचारा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखकर इस मुकद्दस महीने में ग़म-ए-हुसैन को शिष्टता और अदब के साथ मनाएं।इमामबाड़ा स्टेट में इस महत्वपूर्ण मुलाकात और एकजुटता संदेश के दौरान कमेटी के महासचिव हाजी सोहराब खान,अफताब अहमद, महमूद आलम अंसारी, हामिद अंसारी मोहम्मद नदीम, नौशाद खान, फजल खान, महफूज अंसारी, मैसूज्जमा झन्ने, डॉ. जावेद, राजू राईनी सहित कमेटी के तमाम सदस्य, वरिष्ठ पदाधिकारी और शहर के गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
