*बीआरडी मेडिकल कॉलेज से शुरू हुआ “डेंगू मुक्त हॉस्टल” अभियान*
कॉलेज के हॉस्टल्स में साफ-सफाई के साथ दिया गया जनजागरूकता का संदेश
*प्रधानाचार्य और सीएमओ की अगुवाई में सफाई के साथ हुआ एंटी लार्वल का छिड़काव*
*गोरखपुर ।* जिले में डेंगू की रोकथाम और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज से “डेंगू मुक्त हॉस्टल” अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित हॉस्टल्स में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया तथा डेंगू से बचाव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की गईं।
अभियान के दौरान बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हॉस्टल परिसरों में ठहरे हुए पानी की सफाई कराई गई और संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों पर एंटी लार्वल दवा का छिड़काव किया गया। साथ ही हॉस्टल्स में “डेंगू मुक्त हॉस्टल” अभियान से संबंधित प्रचार सामग्री प्रदर्शित कर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को डेंगू के कारणों, लक्षणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम में ठहरे हुए साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए हॉस्टलों और संस्थानों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सहयोग से सभी हॉस्टलों में यह विशेष अभियान चलाया गया है तथा आगे भी नियमित रूप से सफाई और निगरानी की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने कहा कि सामान्यतः बरसात के बाद डेंगू के मामले सामने आने लगते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बरसात से पहले ही रोकथाम संबंधी गतिविधियों को गति दे दी है। उन्होंने कहा कि यदि ठहरे हुए पानी को नियमित रूप से हटाने और संभावित प्रजनन स्थलों की सफाई करने की आदत विकसित कर ली जाए तो डेंगू जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लार्वा साफ और ठहरे हुए पानी में विकसित होते हैं, इसलिए घरों, हॉस्टलों और संस्थानों के आसपास पानी जमा न होने देना सबसे प्रभावी बचाव है।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे कूलर, टंकियों, गमलों, टूटे बर्तनों, टायरों तथा अन्य ऐसे स्थानों की नियमित जांच करते रहें जहां पानी जमा हो सकता है। साथ ही पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी और मच्छररोधी उपायों का उपयोग करने तथा बुखार होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की भी सलाह दी गई।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. विनय पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश, डीएमओ अंगद सिंह, वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम की जिला सलाहकार सिद्धेश्वरी सिंह सहित बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी एवं कर्मचारी, नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी ने मिलकर डेंगू मुक्त वातावरण बनाने और जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
