एनपीएस कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्त के बाद मिले कैशलेस कार्ड और चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ – रूपेश
गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा गोरखपुर के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मचारियों के हित एवं जन-समस्याओं से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों को लेकर शासन,प्रशासन को जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन सौंपे गए।
परिषद ने इन सभी समस्याओं पर तत्काल एवं ठोस कार्रवाई की मांग की है।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रदेश में लागू ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था से पेंशनरों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग रखी कि पेंशनरों को ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था के दायरे से तत्काल बाहर किया जाए।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति कर्मचारी की आय नहीं, बल्कि उसके वेतन से कटा हुआ पैसा है जिस पर वह टैक्स दे चुका है, अतः इसे इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाए।
कैशलेस इलाज में ओपीडी और जांच सहित सम्पूर्ण इलाज को शामिल किया जाए।
अस्पतालों द्वारा समय से भुगतान न मिलने के कारण इलाज से मना करने की शिकायतों का समाधान किया जाए और व्यवस्था सुदृढ़ बनाई जाए।कर्मचारियों को वास्तविक खर्च की प्रतिपूर्ति दी जाए तथा पीजीआई (PGI) की दरों को संशोधित किया जाए। इसी क्रम में अशोक पांडेय ,पंडित श्याम नारायण और सौरभ श्रीवास्तव ने संयुक्त ब्यान में कहा की बेसिक शिक्षा विभाग के संविदा लेखाकार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर्स का विनियमितीकरण:
बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 16 वर्षों से कार्यरत लेखाकार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर्स को मात्र ₹10,821 एवं ₹9,615 का मानदेय मिल रहा है, जो दैनिक मजदूर से भी कम है। संगठन ने इनके पदों को सृजित कर विनियमितीकरण करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESIC) व कैशलेस चिकित्सा/अवकाश की सुविधा देने की जोरदार मांग की।अनूप कुमार श्रीवास्तव ने मांग रखी कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), चरगांवा, गोरखपुर में अनुदेशक के पद पर कार्यरत श्रीमती विनीता सिंह को नव-निर्मित आवास आवंटित कराने हेतु जिला प्रशासन से दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया।
सुबोध पांडे ने बताया कि परिषद के संरक्षक श्री आलोक कुमार पांडेय के परिजन की मोटरसाइकिल (UP-53EK-0771) को बाइक बाजार फाइनेंस के रिकवरी एजेंटों द्वारा मारपीट व जबरन छीनने के मामले में संबंधित शाखा प्रबंधक एवं दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
परिषद के अध्यक्ष श्री रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि यदि इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर रूपेश श्रीवास्तव,अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण,अनूप श्रीवास्तव,सौरभ श्रीवास्तव,राजेश मिश्रा,रामधनी पासवान,सुभाष पांडे, नरेंद्र द्विवेदी ,राहुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे l

