
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (पीएमएसएसवाई) की सिस्टर इंचार्ज श्वेता यादव पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से धनउगाही किए जाने के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी गोरखपुर के उपाध्यक्ष जितेन्द्र विश्वकर्मा ने जिलाधिकारी गोरखपुर एवं प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर संबंधित सिस्टर इंचार्ज को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी। जितेन्द्र विश्वकर्मा के अनुसार, उनकी शिकायत के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जितेन्द्र विश्वकर्मा ने सवाल उठाया कि जांच कमेटी गठित होने के बावजूद संबंधित सिस्टर इंचार्ज अब तक अपने पद पर कैसे बनी हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 22 अक्टूबर 2026 को मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के जन्मदिन के अवसर पर श्वेता यादव द्वारा उनसे मुलाकात कर बधाई देने और पार्टी में शामिल होने की बात सामने आई है। उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रधानाचार्य द्वारा मामले में जांच कमेटी गठित किए जाने की जानकारी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर संबंधित अधिकारी के पद पर बने रहने से कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच की प्रगति सार्वजनिक होनी चाहिए और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। जितेन्द्र विश्वकर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक वार्ड की सिस्टर इंचार्ज के विरुद्ध शिकायत पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी गठित करने की नौबत आई है। उन्होंने जिला प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
