एम. ए. एकेडमी तर्कमानपुर में बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए कौशल विकास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया
पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को भी निखारना अत्यंत आवश्यक है : सिमरन शर्मा
किताबी ज्ञान पूर्ण ज्ञान नहीं होता है व्यवहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान के साथ अनिवार्य है : डॉ. एहसान अहमद
गोरखपुर एम. ए. एकेडमी तुर्कमानपुर गोरखपुर में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान क्राफ्ट की परीक्षा के दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 नवाचार पाठ्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों के तरह-तरह के कौशल का मूल्यांकन व क्राफ्ट परीक्षा का अंक वितरण मुख्य अतिथि के हाथों किया गया । जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा। बच्चों ने तरह – तरह के ट्रैफिक सिग्नल, वॉटरफॉल, कंप्यूटर, पेन स्टैंड, फ्लावर पॉट, दाल से बने हुए तरह-तरह के फूल आदि क्राफ्ट को बनाकर विद्यालय में प्रदर्शित किया, जो सभी अतिथियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चंद्रकांति रामावती आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखपुर की कॉमर्स डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर सिमरन शर्मा जी के हाथों बच्चों के कौशल का मूल्यांकन किया गया । इस अवसर पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को भी निखारना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य व माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉक्टर एहसान अहमद जी ने सभी बच्चों को दुआएं और आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान पूर्ण ज्ञान नहीं होता है व्यवहारिक ज्ञान किताबी ज्ञान के साथ अनिवार्य है। विशेष आमंत्रित अतिथि युवा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप पांडेय ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहां की इन सभी बच्चों के हौसलों को देखते हुए मेरी संस्था बहुत जल्द विद्यालय के टॉप 10 छात्र व छात्राओं को सम्मानित करेगी, जिससे बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारा जा सके। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रबंधक मोहम्मद आकिब अंसारी ने किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा परवीन व उप प्रधानाचार्या निदा फातिमा ने अपने आने वाले सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस अवसर पर पूर्वांचल राज्य के वरिष्ठ पत्रकार सुनील मणि त्रिपाठी, पत्रकार व एडवोकेट मिनहाज सिद्दीकी, पत्रकार सुशील सिंह, नसीम अशरफ फारुकी, हाज़ी जलालुद्दीन कादरी, सूबिया, सलमा, समा आदि लोगों के साथ-साथ विद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं के साथ-साथ सभी बच्चे उपस्थित थे।


