*गिग प्लेटफॉर्म वर्कर्स को मिलेगी अब आयुष्मान भारत योजना की सुरक्षा, गोरखपुर में चला विशेष पंजीयन अभियान*
गोरखपुर: देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से उभरते गिग प्लेटफॉर्म वर्कर्स—जैसे कि ब्लिंकिट, जोमेटो, स्वीगी, ओला, ऊबेर और रेपिडो जैसे ऐप्स के माध्यम से कार्यरत डिलीवरी पार्टनर और ड्राइवरों—के लिए अब एक बड़ी राहत की खबर है। भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 के केन्द्रीय बजट में इन श्रमिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत शामिल करने की घोषणा की है।
इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ई-श्रम पोर्टल पर एक विशेष लिंक के जरिए पंजीकरण की सुविधा दी गई है। यह पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है और इसे श्रमिक जन-सुविधा केन्द्र या स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नम्बर आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि इन प्लेटफॉर्म वर्कर्स का उनके ऐप-आधारित नियोक्ताओं से कोई परंपरागत कर्मचारी-सेवायोजक संबंध नहीं होता, जिससे अब तक वे तमाम सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे।
इसी कड़ी में गोरखपुर जनपद में 7 अप्रैल से 17 अप्रैल 2025 तक ई-श्रम पंजीयन शिविर विशेष अभियान के अंतर्गत 12 अप्रैल को डोमिनोज मेडिकल कॉलेज, ब्लिंकिट तारा मंडल और ब्लिंकिट बशारतपुर पर पंजीयन शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 18 प्लेटफॉर्म श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन किया गया, जबकि लगभग 60 श्रमिकों को योजना के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर श्रम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग ने जनहित में अधिक से अधिक गिग वर्कर्स से इस योजना से जुड़ने की अपील की है।
