*‘‘डेंगू से डरने की नहीं, बचने की आवश्यकता’’*
एक ही व्यक्ति में डेंगू का दूसरी बार संक्रमण अधिक गंभीर और लंबा हो सकता है

जिले भर में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर आयोजित हुईं विविध गतिविधियां

*गोरखपुर, 16 मई 2025*

राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में पूरे जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने जनजागरूता संबंधी विविध गतिविधियों का आयोजन किया । इनके जरिये संदेश दिया गया कि  इस बीमारी के प्रसार से लोगों को डरने की बजाय, इससे बचाव के उपायों को अपनाने की आवश्यकता है। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में हुई जागरूकता गोष्ठी में हिस्सा लिया । मंडलीय कीट विज्ञानी डॉ वीके श्रीवास्तव और जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने भी उनके साथ गोष्ठी में पहुंच कर बच्चों को बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की । वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ राजेश और वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक प्रभात रंजन सिंह ने भी गोष्ठी में हिस्सा लिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित वायरल रोग है । इसका मच्छर दिन में काटता है और यह बीमारी प्रत्येक लिंग और समूह को प्रभावित करती है। मानसून की शुरूआत से पहले ही इस बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल सोलह मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। पहले डेंगू सिर्फ बरसात के मौसम में ही होता था लेकिन अब यह वर्ष के किसी भी माह में सामने आने लगा है, क्योंकि इसके मच्छरों को पनपने के लिए घर में कहीं भी एकत्रित एक चम्मच साफ पानी भी पर्याप्त है। लक्षण दिखने पर त्वरित जांच और समय से इलाज का फायदा मिलता है।

मंडलीय कीट विज्ञानी डॉ वीके श्रीवास्तव ने कहा कि डेंगू से खासतौर से उन लोगों को और अधिक सतर्क रहना चाहिए जो एक बार इसका संक्रमण झेल चुके हैं, क्योंकि ऐसे लोगों में दूसरी बार संक्रमण अधिक गंभीर और लंबा हो सकता है । डेंगू का एक स्ट्रेन दूसरे स्ट्रेन से प्रतिरक्षा प्रदान नहीं करता है। 

उन्होंने बताया कि डेंगू के लक्षण दिखते ही यथाशीघ्र प्रशिक्षित चिकित्सक से जांच और इलाज करवाने पर मरीज घर पर ही ठीक हो जाता है। इलाज में देरी करने और अपने मन से दवाएं खाने से जटिलताएं बढ़ती हैं और कई बार गंभीर अवस्था में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है ।

इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ विश्व प्रताश सिंह , उप प्रधानाचार्य किरन कुमार और शिक्षक एमके श्रीवास्तव व डॉ दुर्गा प्रसाद मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोरमा रानी ने किया।

*बचाव ही है श्रेष्ठ उपाय*

सीएमओ का कहना है कि डेंगू  के संक्रमण से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए और अपने घर, कार्यस्थल, दुकान आदि किसी भी जगह पर साफ पानी इकट्ठा न होने दें। कूलर, गमलों, एसी, पशुओं के पात्र, नारियल के खोल आदि की साफ सफाई करते रहें । अगर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, हड्डियों में दर्द, सुस्ती जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं, क्योंकि ऐसे लक्षण डेंगू के भी हो सकते हैं। डॉ झा ने बताया कि डेंगू जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों पर उपलब्ध है।

*हुये विविध आयोजन*

जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि मलेरिया निरीक्षक  प्रभात रंजन सिंह और रवि मल्ल की मौजूदगी में तरंग क्रासिंग स्थित भगवती प्रसाद कन्या महाविद्यालय में संगोष्ठी और रैली का आयोजन किया गया। मलेरिया निरीक्षक राहुल  सिंह और आस्तिक पांडेय ने शास्त्री स्थित सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभात कुमार राय भी इस मौके पर मौजूद रहे। एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में जेई एईएस कंसल्टेंट सिद्धेश्वरी सिंह ने मलेरिया निरीक्षक पूजा गुप्ता के साथ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन में प्रतिभा निशि क्लेडियस, प्रधानाचार्य और शिक्षकगण मौजूद रहे।

By Minhajalisiddiquiali

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