*सरहदों की सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए बनाई गई राखियाँ*
गोरखपुर, हमें आपकी वीरता पर गर्व है, हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमेशा देश की रक्षा करेंगे,आप हमारे देश के सच्चे रक्षक हैं हम सभी आपके साथ हैं l देश एवं देशवासियों की सुरक्षा में तैनात जवानों की हथेलियां रक्षाबंधन पर सूनी ना रहे l इसी उद्देश्य के साथ सैनिकों के लिए राखियां अभियान एमजी पब्लिक स्कूल तीन कोनिया नंबर एक, पादरी बाजार में कलात्मक राखियां बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l बच्चों द्वारा बनाई गई राखियां कोरियर के माध्यम से सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा l विद्यालय के डायरेक्टर ए.के. सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन भाई बहन के पवित्र प्रेम का त्यौहार है l विद्यालयों में इस तरह की रचनात्मक आयोजन से बच्चों का मनोबल बढ़ता है तथा उन्हें अपनी संस्कृति का ज्ञान होता है l विद्यालय की प्रधानाचार्य ममता सिंह ने बताया कि किसी दौड़ के लिए दौड़ना जरूरी नहीं है छोटे-छोटे कदम ही महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि छोटे कदमों से ही दौड़ पूरी हो जाती है यह बच्चे हमारे देश के भावी भविष्य हैं l देश की सीमा पर तैनात भारत के वीरों तक प्यार भरा संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से भारत रक्षा पर्व का अभिनंदन करे l देश की सुरक्षा में समर्पित प्रत्येक जवान का रक्षाबंधन के पर्व पर एक सद्भावना और प्रेम का संदेश हमारे विद्यालय के नौनिहालों ने किया l जिसमें कक्षा 1 से कक्षा 8 तक केछात्र/ छात्राओं ने भाग लिया l ममता सिंह ने बताया कि पठन-पाठन के अतिरिक्त अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाओ का बच्चों के सृजनात्मक एवं रचनात्मक विकास को विकसित करने में बहुत बड़ा योगदान होता है l विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापक का नीलू सिंह ने बताया कि यह बच्चे हमारे नवीन पौध हैं इन बच्चों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा को बाहर निकाल कर,इस योग्य बनाया जाता है कि,बच्चे देश और समाज का नाम रोशन कर सके l इस अवसर पर प्रधानाचार्या ममता सिंह, डायरेक्टर ए.के.सिंह सहायक अध्यापक/अध्यापिकाओं में नीलू सिंह, मधुलिका मिश्रा, रीता कुशवाहा अंजलि,आशुतोष,अजीत,ओम ज्योति की सराहनीय भूमिका रही. कोऑर्डिनेटर प्रवीण सिंह का विशेष योगदान रहा l विद्यालय के ज्योति,मरहबा,आयुष, अंश, शिखा आदि छात्र-छात्राओं का भरपूर सहयोग रहा प्रयास रहा l विद्यालय के पुरातन छात्र एवं समाजसेवी समाजसेवी हर्षदीप की प्रशंसनीय भूमिका रही जिन्होंने इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में तथा बच्चों के अंदर सृजनात्मक एवं रचनात्मक कल्पना विकसित करने में प्रेरणा का काम किया l
