गोरखपुर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम से होटल रमाडा में मिला तथा आईटीआई में कार्यरत अनुदेशकों की लंबित पदोन्नति संबंधी समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव का ध्यान भारत सरकार द्वारा 07.01.2016 को जारी दिशा-निर्देशों एवं संशोधित सेवा नियमावली की ओर आकर्षित कराते हुए आईटीआई अनुदेशकों के लिए पदोन्नति व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि डीपीआईआरआई अनुदेशकों को तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर कार्यदेशक/फोरमैन पद पर पदोन्नति हेतु पात्र मानते हुए कार्यदेशक पद पर 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटा निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही प्रधानाचार्य पद पर वर्तमान 10 प्रतिशत पदोन्नति कोटा बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे अनुदेशकों को समुचित अवसर मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि डीजीटी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हेतु न्यूनतम तकनीकी अर्हता डिप्लोमा निर्धारित किए जाने का प्रावधान सेवा नियमावली में सम्मिलित किया जाए। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश प्रशिक्षण तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं एकरूपता स्थापित करने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए प्रदेश सरकार को भी उसी अनुरूप सेवा नियमावली में संशोधन कर कर्मचारियों के हित में निर्णय लेना चाहिए।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि आईटीआई अनुदेशक वर्षों से पदोन्नति संबंधी विसंगतियों का सामना कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सेवा नियमावली में संशोधन कर न्यायोचित व्यवस्था लागू की जाती है तो इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा तथा प्रशिक्षण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि परिषद कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है और उम्मीद है कि शासन स्तर पर इस मामले में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती विनीता सिंह ने भी महिला अनुदेशकों की समस्याओं को प्रमुख सचिव के समक्ष रखा तथा शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मामले के न्यायोचित एवं सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत मांगों का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव, महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला, महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती विनीता सिंह, अनूप कुमार श्रीवास्तव सहित आईटीआई के अनेक अनुदेशक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
