*बक़रीद पर मियां साहब हाता में मुबारकबाद का सिलसिला, पार्षद जुबेर अहमद व मतीन अहमद ने मोहर्रम की रिवायत बरकरार रखने की रखी बात*
गोरखपुर। ईद-उल-अजहा (बक़रीद) के मुबारक मौके पर मोहद्दीपुर स्थित मियां साहब हाता में मुबारकबाद पेश करने वालों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में पार्षद जुबैर अहमद और पूर्व पार्षद मतीन अहमद के नेतृत्व में मुतवल्ली कमेटी का एक प्रतिनिधि मंडल इमामबाड़ा इस्टेट के गद्दीनशीन अदनान फारुख अली शाह उर्फ मियां साहब से मुलाकात करने पहुँचा। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मियां साहब और उनके लख़्ते-जिगर सैय्यद अयान अली शाह को बक़रीद की दिली मुबारकबाद पेश की।
इस दौरान पूरे ख़ुलूस और गर्मजोशी के साथ मियां साहब एवं सैय्यद अयान अली शाह का इस्तकबाल किया गया। सदस्यों ने उन्हें फूलों के गुलदस्ते भेंट किए तथा मालाएं पहनाकर अपनी मोहब्बत और अकीदत का इज़हार किया।
मुलाकात के दौरान दीनी, समाजी और रवायती मसलों पर भी बातचीत हुई। पार्षदों और मुतवल्लियान ने मियां साहब से गुज़ारिश की कि सूफी संत बाबा रोशन अली शाह से जुड़ी पुरानी रिवायतों को बरकरार रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से अनुरोध किया कि मोहर्रम के मौके पर इमामबाड़ा इस्टेट के गद्दीनशीन की ओर से जिस तरह अतीत में पैराहन पहनकर जुलूस में शरीक होने की परंपरा रही है, उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए सैय्यद अयान अली शाह भी पैराहन धारण कर मोहर्रम के जुलूस में शामिल हों।
सदस्यों का कहना था कि यह रिवायत न केवल इमामबाड़ा इस्टेट की पहचान है, बल्कि अकीदतमंदों की जज़्बाती और रूहानी विरासत से भी जुड़ी हुई है।
इस मौके पर मुतवल्ली कमेटी के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद और गणमान्य लोग मौजूद रहे।



