वेतन आयोग की संस्तुतियां नियत समय पर लागू हों,कर्मचारियों को मिले अंतरिम राहत : मदन मुरारी शुक्ल

गोरखपुर,। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करने के उद्देश्य से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आवश्यक बैठक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने तथा संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें संकलित किया गया, जिन्हें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा लखनऊ में आयोजित विचार-विमर्श बैठक हेतु भेजा गया है। परिषद ने कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें आयोग के समक्ष रखने का निर्णय लिया।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान महंगाई एवं बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन ₹69,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि वेतन निर्धारण के लिए 3.86 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए, जिससे कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों को वास्तविक राहत मिल सके। परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने अपने सुझावों में कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से कर्मचारियों और पेंशनरों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में सरकार को तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित (मर्ज) करना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियां नियत समय पर लागू की जाएं तथा 01 जनवरी 2026 से प्रभावी तिथि मानते हुए समस्त एरियर का भुगतान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को किया जाए।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर से कर्मचारी हितों से जुड़े इन प्रस्तावों का समर्थन किया और सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की। बैठक में प्रमुख रूप से अशोक पांडेय, पं.श्याम नारायण शुक्ल,अनूप कुमार,अनिल द्विवेदी,राजेश मिश्रा,सौरभ श्रीवास्तव,रामधनी पासवान,इजहार अली सहित अनेक कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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