*गोरखनाथ थाना क्षेत्र के फर्जी पते पर बना गैंगस्टर बिल्ला का पासपोर्ट, पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस*
गोरखपुर। पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जीवनजीत सिंह उर्फ बिल्ला का गोरखनाथ थाना क्षेत्र के एक फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद गोरखपुर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में संबंधित पता फर्जी मिलने के बाद अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुट गई है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, पासपोर्ट सत्यापन कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 में गोरखनाथ थाना क्षेत्र के एक पते के आधार पर जीवनजीत सिंह उर्फ बिल्ला का पासपोर्ट जारी किया गया था। इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर वह भारत छोड़कर इंडोनेशिया पहुंच गया। बाद में इंडोनेशिया की ओर से जानकारी मिलने पर मामला सामने आया। पुलिस ने जब संबंधित पते का सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकला। इसके बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। इसी कारण अब केवल फर्जी पते तक ही जांच सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जिन्होंने दस्तावेज तैयार किए, आवेदन कराया और सत्यापन प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत की। सभी अभिलेखों और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
पूरे मामले की जांच एसीपी सिटी स्तर से कराई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि जिस नेटवर्क ने गैंगस्टर बिल्ला के लिए फर्जी पता और दस्तावेज तैयार किए, क्या उसी नेटवर्क ने अन्य लोगों के भी फर्जी दस्तावेज बनवाकर पासपोर्ट जारी कराए हैं। जांच के दायरे में पासपोर्ट आवेदन से जुड़े सभी रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गोरखपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले पांच वर्षों में ऐसे 36 से अधिक मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया जाएगा तथा संदिग्ध आवेदनों की विशेष जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
