*नारी सशक्तीकरण की मिसाल बनीं गोरखपुर की महिलाएं, उत्कृष्ट कार्य के लिए हुआ सम्मान*
*डीएम बोले—जिस शहर में महिलाएं आधी रात को भी निर्भीक होकर काम करें, वही सच्चा सुरक्षित समाज*
*एसएसपी ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता*
गोरखपुर। हिंदुस्तान प्रेस द्वारा आयोजित नारी सशक्तीकरण को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट स्थित डीएम सभागार में किया गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करने वाली महिलाओं, महिला उपनिरीक्षकों और महिला आरक्षियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए महिलाओं के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजीव दत्त पाण्डेय ने प्रभावी ढंग से किया।
इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल और एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे। हिंदुस्तान प्रेस से सिटी इंचार्ज आशीष श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार विवेक पांडेय, अजय श्रीवास्तव, शिवम सिंह, अभिमन्यु चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, अमीरुद्दीन (गुड्डू), हरीश उपाध्याय, कुंदन उपाध्याय सहित कई अन्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नारी सशक्तीकरण को समाज के विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी योग्यता और क्षमता के बल पर नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी समाज की प्रगति इस बात से मापी जाती है कि वहां महिलाएं कितनी सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। जिस शहर में महिलाएं बिना किसी डर और भय के रात 12 बजे भी अपने कार्यों को निर्भीकता से कर सकें, वही शहर वास्तव में सुरक्षित और विकसित माना जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
डीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया और समाज से अपील की कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर और सहयोग दिया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि महिला उपनिरीक्षक और महिला आरक्षी न सिर्फ कानून-व्यवस्था संभाल रही हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया that 112, 1090, 1076 जैसी हेल्पलाइन सेवाएं महिलाओं की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराती हैं।
एसएसपी ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों—शिक्षा, सामाजिक सेवा, प्रशासन, सुरक्षा और स्वरोजगार—में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आत्मनिर्भर महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिला उपनिरीक्षकों और महिला आरक्षियों को उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मंच से कई प्रेरणादायक उदाहरण साझा किए गए, जिन्होंने यह सिद्ध किया कि महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
संचालन कर रहे राजीव दत्त पाण्डेय ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाते हुए कहा कि नारी सशक्तीकरण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को प्रोत्साहित करते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नारी सशक्तीकरण को नई दिशा देते हैं और महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित होंगी, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त बनेगा।
