*धर्मशाला बाजार में ‘फर्जी नाम’ पर कब्जे का खेल नगर निगम जमीन पर कब्जा या साजिश? ‘विजय गुप्ता’ की पहचान पर बड़ा सवाल*
*गोरखपुर में जमीन घोटाले की आहट! अवैध कॉम्प्लेक्स पर पार्षद का खुला हमला*
*विजय गुप्ता कौन? सामने आकर दे जवाब’_ पार्षद*
गोरखपुर। धर्मशाला बाजार क्षेत्र में नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि सदर चुंगी भवन के पश्चिम करीब 1170 वर्गफुट भूमि पर अवैध तरीके से कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानों का संचालन किया जा रहा है, जिससे नगर निगम को नुकसान हो रहा है।
नगर निगम के अभिलेखों के अनुसार संबंधित भूमि के संबंध में किसी भी प्रकार का वैध पट्टा या किरायानामा उपलब्ध नहीं है और न ही डिमांड रजिस्टर में कोई प्रविष्टि दर्ज है। बावजूद इसके यहां निर्माण कर दुकानों को किराये पर चलाया जा रहा है, जिसे नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में धर्मशाला बाजार के पार्षद छट्टी लाल गुप्ता ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राहुल गुप्ता के सामने उक्त भूमि पर अवैध कब्जा कर कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया गया है और इस मामले को वे पहले ही नगर निगम सदन में उठा चुके हैं।
पार्षद ने सवाल उठाते हुए कहा, “धर्मशाला क्षेत्र में विजय गुप्ता पुत्र सत्यनारायण गुप्ता नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। फिर यह व्यक्ति कौन है, जिसके नाम पर पूरा प्रकरण चल रहा है? अगर ऐसा कोई व्यक्ति है तो वह सामने आकर अपना पक्ष रखे।” उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक संबंधित व्यक्ति सामने नहीं आया है, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
पार्षद छट्टी लाल गुप्ता ने नगर निगम से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
