बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में उतरा दिशा छात्र संगठन

गोरखपुर 3 दिसम्बर। दिशा छात्र संगठन की तरफ़ से आज गोरखपुर में बिजली विभाग के कार्यालयों में निजीकरण के ख़िलाफ़ अभियान चलाया गया। इस दौरान उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच में पर्चा वितरण करके निजीकरण का विरोध करने की अपील की गयी।

ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी शुरु हो चुकी है। दिशा छात्र संगठन की अंजलि ने कहा कि बिजली विभाग के घाटे में होने का हवाला देकर सरकार इसे अपने आका पूँजीपतियों को औने-पौने दामों पर बेच रही है। सत्ता में आने के बाद से ही योगी सरकार किसी-न-किसी बहाने से बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है। इसके पहले कर्मचारियों ने जुझारू आन्दोलन के दम पर सरकार को पीछे हटने के लिए बाध्य किया था। लेकिन सत्ताधारी योगी सरकार अपने द्वारा ही किये गये समझौते से मुकरते हुए कर्मचारियों के साथ धोखेबाजी पर उतर आयी है।

निजीकरण करने के पीछे बिजली विभाग के घाटे में होने का हवाला दिया जा रहा है लेकिन सच यह है कि बिजली विभाग के घाटे में होने के लिए सरकार की नीतियाँ ही ज़िम्मेदार हैं। उत्तर प्रदेश में निजी कम्पनियों से ऊँची दरों पर बिजली ख़रीदी जा रही है, जिसकी वजह से बिजली विभाग लगातार घाटे में जा रहा है। योगी सरकार की असली मंशा अपने आका पूँजीपतियों की तिजोरी भरना है जिसके लिए वह उनकी कम्पनियों से ऊँचे दामों पर बिजली ख़रीद रही है और अब बिजली के वितरण की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं को सौंप कर जनता को लूटने की खुली छूट दे रही है। साफ़ है कि अगर सरकारी बिजली कम्पनियों को बढ़ावा दिया जाये और सरकारी विभागों को दुरुस्त किया जाये तो बिजली की लागत को बहुत कम किया जा सकता है और बिजली विभाग के घाटे को कम या बिलकुल समाप्त किया जा सकता है।

दिशा छात्र संगठन के धर्मराज ने कहा कि निजीकरण केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी बहुत घातक हैं। देश के जिन भी राज्यों में प्राइवेट कम्पनियों को बिजली सौंपी गयी है, वहाँ जनता को अधिक दाम पर बिजली ख़रीदनी पड़ती है। इतना ही नहीं, बिजली की क़ीमतें बढ़ने से उन सभी चीज़ों की क़ीमतें भी बढ़ जायेंगी जिनको बनाने में बिजली का इस्तेमाल किया जाता है। मतलब साफ़ है कि निजीकरण पूँजीपतियों की तिजोरी भरने के लिए आम जनता की जेब से पाई-पाई वसूलने की योजना है। दूसरी बात यह भी है कि आम घरों से आने वाले जिन लोगों को सरकारी विभागों में पक्की नौकरियाँ मिलती थीं, बिजली समेत तमाम विभागों के प्राइवेट हाथों में बेचे जाने से यह सारे अवसर समाप्त हो जायेंगे।

अभियान में दिशा छात्र संगठन के धर्मराज, अंबरीश, सौम्या आदि भी शामिल रहे.

By Minhajalisiddiquiali

गोरखपुर up53 सीएम सिटी

Leave a Reply

Discover more from Arushan News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading