


*मातृ सेवा कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाएंगे निजी अस्पताल, एम्स गोरखपुर के सहयोग से हुआ क्षमता संवर्धन*
*गोरखपुर।* जनपद में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मातृ सेवा कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की पहल एवं एम्स गोरखपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के करीब दो दर्जन निजी अस्पतालों के चिकित्सकों, स्टाफ नर्सेज एवं इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर्स ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रसव कक्ष में प्रसव से पूर्व, प्रसव के दौरान तथा प्रसव के बाद उत्पन्न होने वाली संभावित जटिलताओं और जोखिमों की समय रहते पहचान एवं उनके प्रभावी प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई तथा गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
एम्स गोरखपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ-साथ वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. उमा सिंह ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को रेफरल के उचित प्रोटोकॉल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और उन्हें सही स्वास्थ्य संस्थान में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संदर्भित करना सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि मातृ सेवा पहल मातृ मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक प्रभावी और दूरदर्शी प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से इस कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि एम्स गोरखपुर इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान निजी अस्पतालों के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी प्रदान की गई है। इससे वे प्रसव संबंधी जोखिमों की समय पर पहचान कर सकेंगे तथा उचित प्रबंधन के साथ आवश्यकता पड़ने पर प्रसूता को सही तरीके से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर संदर्भित कर सकेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने कहा कि जिले में मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 400 से अधिक सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में प्रसव होते हैं, इसलिए उन्हें इस पहल से जोड़ना आवश्यक था। निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा तथा जिले में मातृ मृत्यु दर कम करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल सिंह, तकनीकी सहयोगी डॉ. डब्ल्यू. पांडेय, श्रद्धा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एम्स गोरखपुर के अन्य अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
